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डॉ. प्रणय रॉय परिवार

डॉ. प्रणय रॉय परिवार

डॉ. प्रणय रॉय एक भारतीय पत्रकार और मीडिया व्यक्तित्व हैं। रॉय ने दून स्कूल देहरादून से अपनी स्कूली पढ़ाई खत्म की है। इसके पश्चात आगे की पढ़ाई के लिए वह हैलेबरी (यूके) गए। उन्होंने 1973 में यूनिवर्सिटी ऑफ लंदन के क्वीन मैरी कॉलेज से अर्थशास्त्र में स्नातक किया और दिल्ली स्कूल ऑफ इकोनॉमिक्स से पीएचडी की, जहां उन्होंने एक साल तक पढ़ाया। वह एक प्रमाणित चार्टेड अकाउंटेंट भी है। 1988 में डॉ. रॉय ने अपनी पत्नी राधिका रॉय के साथ नई दिल्ली टेलीविज़न लिमिटेड की शुरुआत की, यह भारत का पहला स्वतंत्र समाचार नेटवर्क था जो एक ऐसे दौर मे सामने आया जब सरकार द्वारा संचालित दूरदर्शन का टेलीविजन सामग्री पर एकाधिकार था। गत समय मे रॉय भारत के एक प्रमुख पत्रकार के रूप में उभरे हैं। भारतीय घरों में उपग्रह समाचार प्रसारित होने से बहुत पहले, प्रणय रॉय दूरदर्शन पर "द वर्ल्ड दिस वीक" नामक एक शो लेकर आए, जो साप्ताहिक आधार पर दुनिया भर की सबसे प्रमुख खबरें देता अस्सी के दशक के उत्तरार्ध में, जब भारतीय चुनावों में बैलट पेपर का इस्तेमाल किया जाता था, तब प्रणय रॉय, मतगणना के दिन परिणाम लाइव प्रसारित करते थे। डॉ. रॉय एक

चुनाव विश्लेषक भी हैं उनका चुनाव विश्लेषण, मतदान पैटर्न, चुनावी उठापटक को दर्शकों द्वारा उत्सुकता से देखा जाता था। डॉ रॉय ने 1986-87 के दौरान वित्त मंत्रालय के साथ भारत सरकार के आर्थिक सलाहकार के रूप में कार्य किया। 1998 में सी बी आई ने डॉ. रॉय के खिलाफ कथित रूप से दूरदर्शन के अपग्रेड धोखाधड़ी के लिए आपराधिक साजिश का मामला दर्ज किया था। 2017 में केंद्रीय जांच ब्यूरो ने एक बैंक को धोखा देने के आरोपों को लेकर एनडीटीवी के संस्थापक प्रणय रॉय के कार्यालयों और घरों की तलाशी ली थी।

उनकी पत्नी, श्रीमती राधिका रॉय एनडीटीवी 24x7 भारतीय अंग्रेजी समाचार चैनल की सह-संस्थापक हैं। दिल्ली विश्वविद्यालय से अंग्रेजी स्नातक, राधिका रॉय को फॉर्च्यून इंडिया द्वारा 2017 में भारत की 43 वीं सबसे शक्तिशाली महिला का स्थान दिया गया था। उन्होंने पेले सेंटर फॉर मीडिया के "शी मेड मेड इट: वीमेन क्रिएटिंग टेलिविज़न एंड रेडियो" के लिए 50 सम्मानों की सूची में स्थान दिया। राधिका रॉय आरआरपीआर प्राइवेट लिमिटेड की सह-संस्थापक भी हैं।, वह कंपनी की 50% हिस्सेदारी और एनडीटीवी समूह की सह-कार्यकारी अध्यक्ष हैं।

मीडिया कंपनियों / समूह
संचार माध्यम
तथ्य

व्यापार

परिधान

इंडियन रूट्स शॉपिंग लिमिटेड (पूर्व मे एनडीटीवी एथनिक रिटेल लिमिटेड)
(48.6%), http://www.indianroots.com/

कंसल्टेंसी, आईटी सेर्विसेस

एनडीटीवी वर्ल्डवाइड लिमिटेड (92%)

कार एंड बाइक्स

फ़िफ्थ गियर वेंचर्स लिमिटेड
(100%) विभिन्न सहायक कंपनियों के माध्यम से , https://auto.ndtv.com/about-us

मोबाइल और अन्य एलेक्ट्रानिक गजेट्स

रेड पिक्सल वेंचर्स लिमिटेड (92.61%), गजेट्स 360, https://gadgets.ndtv.com/

आर्ट

ऑन आर्ट क्वेस्ट लिमिटेड (71.92%), https://www.mojarto.com/

इवेट्स

स्पेसल ओकेसन लिमिटेड (95%), http://www.bandbaajaa.com/

सॉफ्टवेयर पब्स्लिशिंग एंड कन्सलटेनसी

डेल्टा सॉफ्टप्रो प्राइवेट लिमिटेड (100%)

हेल्थ फूड फूड

स्मार्टकूकी इंटरनेट लिमिटेड (95.7%), https://food.ndtv.com/?pfrom=doctor-header-globalnav

रियल स्टेट

ब्रिकब्रिक प्रोजेक्ट लिमिटेड (100%) विभिन्न सहायक कंपनियों के माध्यम से

अन्य व्यावसायिक गतिविधियाँ

आन डिमांड ट्रांसपोर्ट लिमिटेड

परिवार और दोस्त

संबद्ध व्यवसाय - परिवार और दोस्त

श्रीमती वृंदा करात

राधिका रॉय की बहन हैं। वह भारत की एक कम्युनिस्ट राजनीतिज्ञ हैं, जिन्हें 11 अप्रैल 2005 को पश्चिम बंगाल से कम्युनिस्ट पार्टी ऑफ इंडिया (मार्क्सवादी) सीपीआई (एम) के सदस्य के रूप में राज्यसभा के लिए चुना गया था। करात के पति, प्रकाश करात, सीपीआई (एम) के एक प्रमुख नेता हैं।

अरुंधति रॉय | एक पुरस्कार विजेता लेखक और राजनीतिक कार्यकर्ता हैं, प्रणॉय रॉय उनके चचेरे भाई हैं। उन्हे अपनी पुस्तक 'द गॉड ऑफ स्मॉल थिंग्स' के लिए 1997 में फिक्शन के लिए मैन बुकर पुरस्कार जीता। अरुंधति रॉय एक जानी मानी कार्यकर्ता भी हैं नर्मदा बचाओ आंदोलन (नर्मदा नदी आंदोलन को बचाओ) मे मेधा पाटकर के साथ लड़ाई लड़ी। हाल ही में उसने भारत के मुख्य न्यायाधीश रंजन गोगोई के खिलाफ यौन उत्पीड़न के आरोपों की स्वतंत्र जांच की मांग की है।

अतिरिक्त जानकारी

डेटा सार्वजनिक रूप से उपलब्ध है

स्वामित्व डेटा अन्य स्रोतों से आसानी से उपलब्ध है, उदाहरण सार्वजनिक रजिस्ट्रियां आदि

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मेटा डेटा

चूंकि एनडीटीवी एक सूचीबद्ध कंपनी है, इसलिए कंपनी के बारे में अधिकांश जानकारी उनकी वार्षिक रिपोर्ट पर उपलब्ध थी। हालांकि, वित्तीय जानकारी होल्डिंग कंपनी के लिए उपलब्ध है व्यक्तिगत चैनलों के लिए नहीं। 2 जनवरी 2019 को ईमेल के माध्यम से और 1 फरवरी 2019 को कुरियर द्वारा कंपनी से संपर्क किया गया था, जो एकत्र किए गए डेटा का स्पष्टीकरण और पुष्टि की बाबत था मगर कंपनी की तरफ से कोई प्रतिक्रिया नहीं आई है।

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